| स्मरणाआडचे कवी-३ (विठ्ठल भगवंत लेंभे) | प्रदीप कुलकर्णी |
| मुंगी साखरेचा रवा याचा अर्थ काय..? | श्वास स्वातीचा |
| अस्थप्रग्रा भाग - ३ (द्रव स्फटिकाचा दर्शक) | व्हीके |
| ओ...ड्यूड! भाग ११ | मोहनाजे |
| डॉ श्रीकांत चोरघडे | मन्जुशा |
| एक सुरेल आठवण | हरिभक्त |
| माझ्या लग्नाची गोष्ट - भाग २ | सुशिक्षीत वेडा |
| १४. न्यूनगंड | संजय क्षीरसागर |
| विजेची जादू! | अरुन्धती कुलकर्णी |
| पार्किंग आणि माझा रोड सेन्स ! | जयश्री अंबासकर |
| सुखसंवाद | हरिभक्त |
| माणुसकी म्हणजे काय हो ? | धेयवेडा |
| माझ्या लग्नाची गोष्ट - १ | सुशिक्षीत वेडा |
| गालिब बेनकाब | बेफ़िकीर |
| ती पराक्रमाची ज्योत मावळे.... | अदिती |
| मोडी लिपी | विश्वास२१ |
| उपकरणे भाग - २ भिंग संच (काम्पौंड लेन्स) | व्हीके |
| नंदाच्याई | आपला अभिजित |
| संजय क्षीरसागर यांच्या लेखमालेतून झालेले विचारमंथन | गीता दातार |
| ओ...ड्यूड! भाग १० | मोहनाजे |
| निरोप - अंतिम | श्रावण मोडक |
| उपकरणे -अस्थप्रग्रा (डिजीटल स्टिल कॅमेरा) | व्हीके |
| निरोप - ३ | श्रावण मोडक |
| टिचकीसरशी शब्दकोडे ५५ | पराग जोगळेकर |
| माझे बंगलोर आगमन - भाग १ | सुशिक्षीत वेडा |
|